तन्हा शायरी :-तुम छोड़ गये


बेशक तुम छोड़ गये थे मुझे
मगर मैं तुम्हारे साथ चला हूँ

देख कर किसी गैर के हाथों में तेरा हाथ
बोल नहीं पाया, मगर अंदर से बहुत जला हूँ

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